
वर्ल्ड पोस्टल डे 9 अक्टूबर को मनाया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पोस्ट ऑफिस की शुरुआत
कब और कैसे हुई? आइए आज हम आपको बताते हैं भारत सहित दुनिया भर के कुछ खास पोस्ट
ऑफिस के बारे में.........
भारत-
अपने
यहां चिट्ठियों को लाने और पहुंचाने का काम करने वाले डिपार्टमेंट को डाक
विभाग कहा जाता है। इसे भारतीय डाक सेवा के नाम से जाना जाता है। भारतीय
डाक सेवा ने 1 अक्टूबर 2004 को ही अपने सफर के 150 वर्ष पूरे कर लिए। अपने
देश में 1766 में लार्ड क्लाइव ने पहली बार डाक व्यवस्था स्थापित की थी।
फिर 1774 में वॉरेन हेस्टिंग्स ने कलकत्ता में प्रथम डाकघर स्थापित किया
था। इसके साथ ही चिट्ठियों को पोस्ट करते समय उस पर लगाए जाने वाले
स्टैंप्स की शुरुआत अपने देश में 1852 में हुई थी। इसके बाद हर शहर और गांव
में पोस्ट ऑफिस बनाए गए। बाद में तो इन पोस्ट ऑफिसों में चिट्ठियों को
संभालने के साथ-साथ लोगों के पैसों को भी जमा करने का काम किया जाने लगा।
कभी-कभी
यह बैंक का काम भी करता हैं। अब तो सरकार भी इसे बैंक के रूप में स्थापित
करने की योजना बना रही है। चिट्ठियों का प्रचलन कम होने के साथ इनके कामों
में भी कमी आई है ऐसे में इन्हें अन्य कामों में भी शामिल किया जा रहा है।
आजकल भारतीय डाक विभाग रजिस्ट्री पोस्ट,स्पीड पोस्ट,बिजनेस पोस्ट और
ग्रीटिंग पोस्ट से चिट्ठियों को भेजने का काम करता है। कुछ दिन पहले ही
इसकी सबसे महत्वपूर्ण सेवा डाकतार सेवा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया।
भारत की डाक सेवा में एक खास बात यह है कि यहां एक खास तरह का पिन कोड होता
है। यह पिन कोड 6 नंबरों का होता है। पिन कोड पोस्ट ऑफिस का नंबर होता है।
इसकी मदद से ही हम तक चिट्ठियां पहुंच पाती हैं। यह हम सबके लिए यह गर्व
करने वाली बात है कि भारत की डाक सेवा दुनिया की सबसे बड़ी डाक सेवा है।
साथ ही दुनिया में सबसे ऊंचाई पर बना पोस्ट ऑफिस भी भारत में ही है जो
हिमाचल प्रदेश के हिक्किम में स्थित है।
पाकिस्तान-
पाकिस्तान में डाक विभाग को पाकिस्तान पोस्ट कहा जाता है। इसकी नींव 1947 में रखी गई थी। इसका हेडक्वार्टर इस्लामाबाद में है।
श्रीलंका-
हमारे
पड़ोसी देश श्रीलंका में डाक विभाग का नाम है श्रीलंका पोस्ट। श्रीलंका
पोस्ट की नींव 1882 में रखी गई थी। इसका हेडक्वार्टर श्रीलंका की राजधानी
कोलंबो में है।
अमेरिका-
अमेरिका
में डाक विभाग को यूएस मेल के नाम से जाना जाता है। यूएस मेल की स्थापना
1775 में की गई थी। यूएस मेल में सेना के लिए एक अलग सर्विस है,जिसे आर्मी
पोस्ट ऑफिस और फील्ड पोस्ट ऑफिस कहा जाता है। साथ ही एक्सप्रेस मेल,मीडिया
मेल, फस्ट क्लास मेल,लाइब्रेरी मेल और पार्सल पोस्ट जैसी सेवाएं इसकी खास
सेवाएं हैं।
चीन-
चीन
के डाक विभाग को चाइना पोस्ट या चुनघवा पोस्ट के नाम से जाना जाता है।
चाइना पोस्ट की नींव 1949 में रखी गई थी। इसका हेडक्वार्टर चीन की राजधानी
बीजिंग में है।
ब्रिटेन-
ब्रिटेन
में डाक विभाग की स्थापना 1516 में की गई थी। वहां इसे रॉयल मेल के नाम से
जाना जाता है। ब्रिटेन का मेन पोस्ट ऑफिस इंग्लैंड में बनाया गया है।
ब्रिटेन के रॉयल मेल के साथ एक खास बात यह है कि यहां पोस्ट बॉक्स को पिलर
बॉक्स के नाम से जाना जाता है। इस विभाग ने एक खास तरह की सर्विस भी शुरू
की है,जो अगले ही दिन चिट्ठियों को कहीं भी पहुंचा देती है। यह विभाग रॉयल
मेल,बिजनेस सर्विस और नॉन पोस्टल सर्विस भी चलाती है।
जर्मनी-
जर्मनी
में डाक विभाग को डूटस्चे पोस्ट के नाम से जाना जाता है। यह दुनिया की
सबसे बड़ी कुरियर कंपनी है। इसका हेडक्वार्टर बॉन में बना हुआ है।
फ्रांस-
फ्रांस
में डाक विभाग को ला पोस्टे के नाम से जाना जाता है जिसकी स्थापना 1576
में की गई थी। इसका हेड क्वार्टर फ्रांस की राजधानी पेरिस में है। यह
चिट्ठियां लाने के साथ ही साथ बैंक और कुरियर का भी काम करता है।
नॉर्वे-
यहां डाक सेवा को नॉर्वे पोस्ट के नाम से जाना जाता है। इसकी स्थापना 1647 में की गई थी। इसका हेडक्वार्टर ओस्लो में है।